Satwant Atwal Trivedi became the first woman DGP of Himachal, belongs to Bilaspur
BREAKING
पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल; सरकार ने इन IAS-PCS अफसरों को सौंपी नई जिम्मेदारी, यहां पर एक नजर में देखिए पूरी लिस्ट अचानक मौत का फिर एक मंजर.. VIDEO; पत्नी के साथ डांस कर रहे व्यापारी पति की मौत, शादी की सिल्वर जुबली मना रहे थे दोनों हरियाणा में स्कूलों के समय में बदलाव; दुर्गा अष्टमी पर इस टाइम से खुलेंगे स्कूल, इतने बजे होगी छुट्टी, शिक्षा विभाग की अधिसूचना PM मोदी और मनोज कुमार की ये बहुत पुरानी तस्वीर वायरल; खुद प्रधानमंत्री ने शेयर की, बोले- महान अभिनेता के निधन से बहुत दुखी हूं दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का निधन; शर्मीले छवि के थे, देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने गए तो 'भारत कुमार' नाम मिला, इंडस्ट्री में शोक

1996 बैच की आईपीएस अधिकारी सतवंत अटवाल त्रिवेदी बनी हिमाचल प्रदेश की पहली महिला डीजीपी

Satwant Atwal Trivedi became the first woman DGP of Himachal, belongs to Bilaspur

Satwant Atwal Trivedi became the first woman DGP of Himachal, belongs to Bilaspur

बिलासपुर:1996 बैच की आईपीएस अधिकारी सतवंत अटवाल त्रिवेदी अब हिमाचल प्रदेश की प्रथम महिला डीजीपी होंगी। डीजीपी संजय कुंडू के छुट्टी पर जाने के बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। सतवंत अटवाल त्रिवेदी को हिमाचल की पहली आईपीएस होने के साथ-साथ एनआईए और बीएसएफ की पहली महिला अधिकारी होने का गौरव भी प्राप्त है।

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला से ताल्लुक रखने वाली आईपीएस अधिकारी सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज और ऑकलैंड हाउस स्कूल में शिक्षा ग्रहण की है। हिमाचल में महिलाओं से जुड़े अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने व महिलाओं के लिए अलग थाने खोलने का श्रेय भी अटवाल को ही जाता है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के अपने कैडर के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठित पुलिस संगठनों के विभिन्न पदों पर एक पुलिस अधिकारी के रूप में सराहनीय सेवाओं की एक समृद्ध गाथा को भी लिखा है।

इसके अलावा, उन्होंने सीमा सुरक्षा बल में भारत के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कार्यान्वयन को सफलतापूर्वक शुरू किया। वह क्लिनिकल साइकोलॉजी में स्वर्ण पदक विजेता हैं और जर्मन में एफबीआई नेशनल एकेडमी, डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस, यूएसए से डिप्लोमा इन इन्वेस्टिगेशन एंड लीडरशिप भी प्राप्त किया हुआ है। उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में सेवा प्रदान की है। राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में संकाय, एसपी रैंक पर जिला पुलिस सशस्त्र बटालियन का नेतृत्व कर चुकी है। होम कैडर में लौटने से पहले वो सीमा सुरक्षा बल के खुफिया निदेशालय का नेतृत्व कर रही थी साथ ही हृ्रञ्जत्रक्रढ्ढष्ठ की संयुक्त सचिव भी थी। उन्हें वर्ष 2012 में सराहनीय सेवा के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।